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"जब तक मैं जिंदा हूं, तब तक", ममता ने क्यों कहा? चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे पर मचा है सियासी बवाल

 Written By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jul 04, 2026 06:51 pm IST,  Updated : Jul 04, 2026 08:20 pm IST

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर सियासी हलचल तेज है। अब ममता की करीबी चंद्रिमा भट्टाचार्य ने उनका साथ छोड़ दिया है। ममता बनर्जी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा-जिसे मैंने चुनाव चिह्न दिया, वही गद्दार बन गए। जानें ममता ने और क्या कहा?

ममता बनर्जी, चंद्रिमा भट्टाचार्य- India TV Hindi
ममता बनर्जी, चंद्रिमा भट्टाचार्य

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मंत्री और ममता बनर्जी की करीबी चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आज पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया, जिससे तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इस्तीफा देने के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, "ममता जी का मुझ पर जो भरोसा था, वह कमज़ोर पड़ गया था। जब भरोसा और विश्वास ही नहीं रहा, तो पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम करते रहना मुश्किल हो गया... मैं कुणाल घोष का सम्मान करती हूं, लेकिन मेरी वफ़ादारी पर सवाल उठाने वाले वे कौन होते हैं और किस आधार पर? ममता बनर्जी जानती हैं कि मैं वफ़ादार हूं या नहीं।"

ममता बनर्जी की TMC से इस्तीफ़ा देने के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, "आपने देखा कि कल क्या हुआ। तृणमूल भवन में एक घटना हुई। उसके बाद ममता जी ने मुझसे फ़ोन पर बात की। उन्होंने मुझसे कहा, 'तुमने तृणमूल भवन उन्हें सौंप दिया।' इस बात से मुझे दुख हुआ... ऐसा कहने की कोई ज़रूरत नहीं थी..." इसके बाद चंद्रिमा ने विधानसभा स्पीकर रथिंद्र बसु से मुलाकात की और अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया। 

ममता ने किसे कहा गद्दार?

चंद्रिमा के इस्तीफे के बाद ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव आकर कहा, यह देखकर हैरानी होती है कि जिन लोगों ने हमारे टिकट पर चुनाव जीता, वे कह रहे हैं कि पार्टी 2023 से ठीक से काम नहीं कर रही है! अगर ऐसा है, तो आप लोग 2026 में चुनाव कैसे लड़ सकते हैं?' आपको चुनाव चिह्न मैंने ही दिया था और 2026 के चुनावों में आपके नामांकन पर हस्ताक्षर मैंने ही किए थे। चुनाव के दो महीने के भीतर ही आप गद्दार कैसे बन गए?'

ममता ने क्यों कहा-मैं जब तक जिंदा हूं...

ममता ने कहा, 'वे गद्दार बीजेपी की इच्छा के अनुसार काम कर रहे हैं। मैं उनसे कहूंगी कि वे सीधे जाकर बीजेपी में शामिल हो जाएं। लेकिन आप याद रखें, मैं अभी भी जिंदा हूं. पार्टी का चुनाव चिह्न कहीं नहीं जाएगा। अगर आप मुझे रोकना चाहते हैं, तो आपको मुझे मारना होगा। बंगाल में बच्चों को मिड-डे मील में अंडे नहीं मिल रहे हैं और आप पुलिस की मदद से इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। मैं उन लोगों को दोष नहीं दूंगी जो पार्टी से अलग हो रहे हैं। मुझे पता है कि उन पर दबाव डाला जा रहा है, लेकिन मैं बीजेपी के सामने नहीं झुकूंगी और मेरी पार्टी भी किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगी।'

चंद्रिमा के इस्तीफे पर मचा सियासी बवाल

  • TMC में सभी पदों से चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "...उन्हें ममता बनर्जी की 'दूसरी आत्मा' माना जाता था... वह इतने लंबे समय तक अनजान बनी रहीं क्योंकि ममता बनर्जी द्वारा बांटी जा रही 'मलाई' का स्वाद बहुत अच्छा था... अब ममता बनर्जी में वह क्षमता नहीं रही... जब कोई जहाज डूबने लगता है, तो चूहे भागने लगते हैं; हम वही मंज़र देख रहे हैं।"
     
  • TMC में बगावत पर BJP विधायक जितेंद्र तिवारी ने कहा, "...अगर वे जॉर्ज बुश को भी अपना अध्यक्ष बना लें, तो वे भी दो दिन में पार्टी छोड़ देंगे..."
     
  • चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफ़े पर ISF के नौशाद सिद्दीकी ने कहा, "जब तक उन्हें फ़ायदा मिल रहा था, वे वहां बनी रहीं; अब जब फ़ायदा नहीं रहा, तो वे दूसरी तरफ़ चली गईं...वे अपनी ही लड़ाइयां लड़ रहे हैं। हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है... जिस दिन पार्टी सत्ता से बाहर होगी, आपको उनके साथ खड़ा एक भी व्यक्ति नहीं मिलेगा। ज़रा देखिए, दो महीने भी नहीं हुए हैं और पार्टी का क्या हाल हो गया है; यह ख़त्म हो चुकी है..."
     
  • BJP विधायक डॉ. राजेश कुमार सुरोलिया ने कहा, "ज़रा उनकी अंदरूनी गुटबाज़ी और आपसी लड़ाई को तो देखिए। यह पार्टी हर तरह की ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियों में शामिल थी, जिसमें छीना-झपटी, जबरन वसूली, भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी शामिल थी। अब जब उन्हें इससे कुछ नहीं मिल रहा है, तो वे आपस में लड़ रहे हैं; आपसी अविश्वास है और कोई भी किसी पर भरोसा नहीं करता... हम बरसों से कह रहे थे कि यह पार्टी टिक नहीं पाएगी, क्योंकि एक बार जब वे तत्व हट गए, तो कोई राजनीतिक आधार ही नहीं बचा... 4 मई को नतीजे आए थे और अब 60 दिन हो चुके हैं... आप सिर्फ़ 60 दिनों के बाद की स्थिति देख सकते हैं: अंदरूनी लड़ाई के कारण पार्टी पूरी तरह से बिखर गई है..."
     
  • BJP विधायक देबाशीष धर ने कहा, "...आधे लोग इधर चले गए, आधे उधर; अब उनके (ममता बनर्जी) साथ असल में कोई नहीं बचा है। ऐसा होना ही था; TMC असल में कोई पारंपरिक राजनीतिक पार्टी नहीं थी। यह ज़्यादातर एक परिवार द्वारा चलाई जाने वाली संस्था की तरह काम करती थी, इसीलिए इसकी हालत इतनी खराब हो गई है, और यह और भी खराब होने वाली है। ममता बनर्जी के साथ अब कोई ऐसा नहीं बचा है जो सच में उनके साथ खड़ा हो सके। चंद्रिमा भट्टाचार्य ममता बनर्जी की सबसे करीबी सहयोगियों में से एक थीं, और उन्होंने भी साथ छोड़ दिया है..."

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